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1. कैंसर क्या है ?

कैंसर शरीर की कोशिकाओं के समूह की असामान्य एवं अव्यवस्थित वृद्धि है। यदि समय पर जांच व इलाज न हो तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकता है। [1]

2. कैंसर क्यों होता है ?

कैंसर हमारी कोशिकाओं के भीतर डी. एन. ए. (आनुवांशिक सामग्री) की क्षति के कारण होता है। डी. एन. ए. की क्षति सभी सामान्य कोशिकाओं में होती रहती है। लेकिन इस क्षति का सुधार हमारे स्वयं के शरीर द्वारा हो जाता है। कभी कभी इस क्षति का सुधार नहीं हो पाता जिससे कोशिकाओं के गुणों में परिवर्तन हो जाते हैं। संचित डीएनए की क्षति अंत में कैंसर को जन्म दे सकती है। [2]

3. क्या कैंसर एक संक्रमण है, जो रोगाणु या बैक्टीरिया से होता है ?

कैंसर एक संक्रमण नहीं है, हालांकि कुछ रोगजनकों के साथ लंबी अवधि के संक्रमण कैंसर का कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिये एच0पी0वी0 के साथ संक्रमण गर्भाशय के मुख के कैंसर का कारण बन सकते है। हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी वायरस के संक्रमण से जिगर का कैंसर हो सकता है। हेलिकोबेक्टर द्वारा अमाशय का कैंसर पैदा हो सकता है। एपस्टीन बार वायरस लिम्फोमा, नेसो फेरिंजियल कैंसर और अमाशय कैंसर के साथ संबंधित है। हालांकि यह जानना जरूरी है कि इन रोगजनकों से संभावित अधिकांश लोगों में कैंसर का विकास नहीं होता है। [3]

4. क्या कमजोर स्वास्थ्य वाले व्यक्तियों में कैंसर होने की संभावना अधिक है ?

कैंसर कमजोर व स्वस्थ व्यक्तियों देानेां ही को प्रभावित कर सकता है। जिन व्यक्तियेां की प्रतिरोधक क्षमता निम्न है (जैसे व्यक्ति जो एच आई वी से संक्रमित है) उनको कैंसर के विकास का जोखिम बढ़ जाता है। हालांकि अधिकांश कैंसर निम्न कारकों के मेल से होते हैं जैसे कि तंबाकू का इस्तेमाल, शराब का उपयोग, अपनी आनुवांशिक रचना, अल्प आहार, शारीरिक निष्क्रियता, अत्याधिक वजन का होना और रसायनों का संपर्क इत्यादि। [4]

5. क्या धूम्रपान, तंबाकू सेवन और पान चबाने से कैंसर हो सकता है ?

हाॅ, धूम्रपान, तंबाकू सेवन और पान चबाने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, परन्तु इनका बचाव किया जा सकता है। पान खाने और तंबाकू चबाने से निम्न कैंसरों का खतरा बढ़ जाता है; सिर व गले का कैंसर, मुख, होंठ, नाक, गला, ग्रास नली, पेट, अग्नाशय, गुर्दा, मूत्राशय, गर्भाशय, गर्भाशय ग्रीवा, मलाशय, अंडाशय के कैंसर और ल्यूकीमिया (ब्लड कैंसर)। [5]

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6. क्या शराब कैंसर का कारण बन सकती है ?

अध्ययन से यह ज्ञात हुआ है, जो लोग शराब का अधिक सेवन करते हैं, उन्हें मुख का कैंसर, लिवर कैंसर, स्तन कैंसर, अंतडियों का कैंसर और गले का कैंसर होने की संभावना अधिक होती हैं।[6,7]

7. क्या चोट लगने के कारण कैंसर हो सकता है ?

चोट की वजह से किसी भी प्रकार का कोई कैंसर नही होता है।[8].

8. क्या भावनात्मक तनाव कैंसर का कारण बनता है ?

शोधकार्यो से यह प्रमाणित नही हुआ है कि केवल भावनात्मक तनाव कैंसर का कारण हो सकता है। हालांकि लंबे समय तक तनावग्रस्त रहने से आपके पूरे स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव पड़ता है और कैंसर का सामना करने की क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। [9,10]

9. क्या कैंसर आधुनिक समाज की एक विकराल समस्या है ?

जब से मानव सभ्यता का जन्म हुआ है, कैंसर भी तभी से जाना जाता है, परन्तु निदान हेतु उपलब्ध साधन न होने की वजह से यह अज्ञात रहा। आधुनिक समय में नये तरह के कैंसरों की संख्या बढ़ती गई। कुछ हद तक यह वृद्धि मनुष्य के बढ़ते जीवनकाल के कारण है। बदलती जीवनशैली, पर्यावरणीय प्रदूषण और औद्योगीकरण कुछ ऐसे कारक है, जो कैंसर का जोखिम बढाने में अपना योगदान देते है। आधुनिक समय में उपलब्ध परिष्कृत वैज्ञानिक उपकरणों की सहायता से कैंसर के अधिक से अधिक मामले प्रारंभिक दौर में ही पकड़ में आ जाते हैं। [11,12]

10. किस प्रकार के कैंसर महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक पाये जाते हैं ?

मुँह, गले, फेफड़े, त्वचा, अमाशय, मलाशय, गुर्दा, मूत्राशय और मस्तिष्क के कैंसर महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक पाये जाते हैं। [13]

11. यह कैसे पता चलता है, कि किसी व्यक्ति को कैंसर है ?

प्रारंभिक अवस्था में कैंसर के लक्षणों की पहचान करना मुश्किल है। कैंसर की चेतावनी के लक्षण और संकेतों के बारे में पता होना आवश्यक है। नियमित स्वास्थ्य जांच कैंसर का जल्दी पता लगाने के लिये सबसे अच्छा तरीका है। [14]

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12. कैंसर के संकेत एवं लक्षण क्या है ?

कैंसर के सात मुख्य संकेत एवं लक्षण निम्न है:
1. आंत या मूत्रासय की आदतों में परिवर्तन
2. घाव जो जल्दी न भरे
3. शरीर के किसी भी हिस्से में असामान्य रक्तस्राव या स्राव
4. वजन में अस्पष्टीकृत गिरावट या भूख न लगना
5. निगलने में परेशानी या पुरानी अपच
6. तिल या मस्से में कोई परिवर्तन
7. लगातार खांसी या आवाज में भारीपन[14]

13. क्या कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में दर्द होता है ?

कई तरह के कैंसरों में प्रारंभिक अवस्था में दर्द नहीं होता। अंतिम अवस्था में जब कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैल जाता है तब मरीज को दर्द का अनुभव हो सकता है। [15]

14. क्या मल के साथ रक्त आना कैंसर का सूचक है ?

मल के साथ रक्त आना यह संकेत देता है की आपके पाचन तंत्र में कहीं रक्त स्राव हो रहा है। शौचालय जाने के बाद खून आना ज्यादातर बवासीर या गुदा विकार के कारण होता है; हालांकि रक्त आना मलाशय में कैंसर या पूर्व कैंसर अवस्था का संकेत भी हो सकता है। इसलिये विशेषज्ञ से परामर्श करना अनिवार्य है। [16]

15. क्या मूत्र में रक्त आना कैंसर को दर्शाता है ?

मूत्र में रक्त आना हमेशा कैंसर का कारण नहीं होता है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिये। चिकित्सकीय भाषा में मूुत्र में रक्त आना रक्तमेह कहलाता है। यह निम्न कारणों के तहत हो सकता है: गुर्दे की बीमारियाॅ, पथरी, बढी हुई पौरूष ग्रंथि तथा कुछ दवाईयाॅ (एसप्रिन व कीमोथेरेपी दवाएॅ) गुर्दा, मूत्राशय, व पौरूष ग्रंथि के कैंसर। रक्तमेह के सभी मामलों में चिकित्सक द्वारा परीक्षण कराना चाहिये और इसके अंतनिहित कारण का पता लगाना आवश्यक है। [17]

16. यदि किसी महिला को स्तन में गांठ का पता चलता है तो उसे इंतजार करना चाहिये या तुरंत चिकित्सक से परामर्श करना चाहिये ?

यदि महिला को स्तन में गांठ पता चलती हैं या अन्य कोई परिवर्तन महसूस होता है तो उसे अपने चिकित्सक से तुरंत परामर्श करना चाहिये क्योंकि यह गांठ कैंसर का सूचक हो सकती है। [18]

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17. क्या स्तन की सभी गांठे कैंसर होती है ?

नहीं, स्तन की सभी गांठे कैंसरयुक्त नही होती। अधिकतर गांठे सौम्य (हानिरहित) होती है। लेकिन योग्य चिकित्सक द्वारा इनका परीक्षण अनिवार्य है। [19,20]

18. कैंसर का शक होने पर लोग चिकित्सक से परामर्श करने पर संकोच क्यों करते हैं ?

निम्न कारण हैं, जिससे लोग समय पर चिकित्सक से परामर्श नही करते:
1. कैंसर का पता चलने का डर
2. परिवार पर आर्थिक भार
3. कैंसर की उपचार विधियाॅ जैसे शल्यक्रिया और कीमोथेरेपी का भय
4. उपचार हेतु उपयुक्त अस्पताल खोजने की परेशानी
5. कैंसर होने का ‘‘सामाजिक कलंक‘‘ के बारे में चिंता
यह महत्वपूर्ण है कि इस भय को हम काबू में रखें क्योंकि कैंसर का जितना जल्दी पता लगेगा उसका उपचार भी उतना ही अधिक उपयुक्त होगा। [21]

19. कैंसर से हम अपना बचाव कैसे कर सकते है ?

यदि हम निम्न उपायों का ध्यान रखें तो कैंसर होने के खतरे को कम किया जा सकता है:
1. स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक रहें (उदाहरण के लिये तंबाकू सेवन न करें, शराब का सेवन न करें या सीमित मात्रा में ही करें और आदर्श वजन बनाएं रखें)
2. कैंसर के संकेत एवं लक्षण के बारे में जागरूक रहें।
3. नियमित स्वास्थ्य परीक्षण।
4. समय समय पर कैंसर स्क्रीनिंग करायें। [22,23]

20. कैंसर कैसे फैलता है ?

कैंसर अलग अलग तरीकों से फैलता है:
1. यह सीधा आसपास के ऊतकों में फैल सकता है।
2. कैंसर कोशिकायें लसीका प्रवाह में प्रवेश करते हुये लिम्फ नोड्स तक पहुंच सकती हैं।
3. कैंसर कोशिकायें शरीर के अन्य भागों में रक्त प्रवाह के माध्यम से पहुंच सकती हैं। [24]

21.क्या कैंसर छूत की बीमारी है ? क्या कैंसर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को फैल सकता है ?

कैंसर छूत की बीमारी नहीं है और यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को नहीं फैलता। [25,26].

22. क्या कैंसर संभोग के माध्यम से संचारित होता है ?

नहीं; हालांकि एच पी वी जैसे कुछ यौन संचारित संक्रमणों का लगातार संक्रमण कैंसर की संभावना को बढ़ाता है। [27,28,29].

23. क्या कैंसर माता-पिता से बच्चों में पारित हो सकता है ?

ऐसा अनुमान है कि सभी कैंसरों में से केवल 5-10 प्रतिशत ही माता-पिता से बच्चों (वंशानुगत कैंसर) को पारित होते हैं। [30].

24. क्या कैंसर का निदान जल्दी किया जा सकता है ?

हाॅ, यदि मरीज कैंसर के संकेत एवं लक्षणों के प्रति जागरूक है तो कुछ कैंसरों को प्रथम अवस्था में ही पकड़ा जा सकता है और समय रहते इनका उपचार भी संभव है। जिन कैंसरों का प्रारंभिक अवस्था में ही निदान एवं इलाज किया जाता है, उन मरीजों की जीवन दर काफी बेहतर होती है। [31]

25. कैंसर का निदान एवं इलाज जल्दी क्यों होना चाहिए ?

यदि कैंसर का पूर्व अवस्था में ही निदान संभव हो तो
1. सफल उपचार एवं आरोग्य प्राप्ति की संभावना बढ़ जाती है।
2. यह कैंसर की मृत्यु दर को कम करता है और उत्तर जीविता को बेहतर बनाता है। [32].

26. चिकित्सक इस बात की पुष्टि कैसे करता है की आपको कैंसर है ?

ऐसा कोई एक परीक्षण उपलब्ध नहीं है जो कैंसर का निदान कर सकता है। कैंसर की पुष्टि करने के लिये निम्न परीक्षणों के संयोजन पर निर्भर होना पड़ता है।
1. नैदानिक परीक्षण/प्रक्रिया एवं बीमारी संबधित इतिहास
2. भैदानिक परीक्षण जैसे
क. इमेजिंग (एक्स-रे, सी टी स्कैन और फलूयूरोस्कोपी)
ख. प्रयोगशाला परीक्षण (ट्यूमर मार्कर आदि)
ग. ट्यूमर बायोप्सी (टुकडे की जाॅच, ट्यूमर मार्करस)
घ. एडोस्कोपिक परीक्षण (नली द्वारा परीक्षण) [33]

27. मैमोग्राफी क्या है ?

मैमोग्राम स्तन का एक्स-रे चित्र है। स्तन कैंसर की आरंभिक अवस्था में निदान के लिये यह एक प्रभावी इमेजिंग विधि है। [34]

28. ‘पैप स्मीयर टैस्ट‘ क्या है ?

यह पैपानिकोलाअु टैस्ट का संक्षिप्त नाम है। ‘‘पैप स्मीयर टैस्ट‘‘ गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में संभावित पूर्व कैंसर और कैंसर परिवर्तन का पता लगाने के लिये एक परीक्षण विधि है। [35]

29. कैंसर के निदान एवं उपचार हेतु कुशल चिकित्सक से ही सम्पर्क क्यों करना चाहिये ?

कैंसर का समय पर उपचार और सही सलाह प्राप्त करने के लिये योग्य चिकित्सक से मिलने की सलाह दी जाती है। यदि आप अप्रशिक्षित व्यक्ति से सम्पर्क करते हैं तो उचित उपचार में विलंब हो सकता है, जिससे आपकी बीमारी बढ़ सकती है। [36]

30. कैंसर उपचार हेतु क्या क्या साधन उपलब्ध हैं ?

कैंसर उपचार हेतु निम्न साधन उपलब्ध हैं:
1. शल्य चिकित्सा
2. कीमोथेरेपी
3. विकिरण चिकित्सा (बिजली की सिकाई)
4. हार्मोन थेरेपी
5. लक्षित चिकित्सा (टार्गेटेड थैरेपी)
6. प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांटेशन) [37].

31. कैंसर उपचार में शल्य चिकित्सा की क्या भूमिका है ?

शल्य चिकित्सा द्वारा सभी कैंसरों का उपचार संभव नहीं है। हालांकि शल्य चिकित्सा कई कैंसरों के लिये प्रभावी इलाज है, विशेष रूप से वे जो शरीर के अन्य भागों में न फैले हों। शल्य चिकित्सा कैंसर की एकमात्र उपचार विधि हो सकती है अथवा इसे अन्य उपचार साधनों जैसे रेडियोथेरेपी, कीमोथेरेपी के साथ पूरक किया जा सकता है। [38].

32. कीमोथेरेपी क्या है ?

कैंसर के उपचार हेतु प्रयुक्त दवाओं या रसायनों के उपयोग को कीमोथेरेपी कहा जाता है। यह दवायें विभाजित होती कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करती हैं। साथ ही. यह शरीर के कुछ स्वस्थ ऊतकों को भी प्रभावित करती है, जहाॅ कोशिकायें निरंतर विभाजित होती रहती हैं। (जैसे पाचन तंत्र की त्वचा, बालों के रोग, अस्थि मज्जा, त्वचा आदि) इस कारण इसके दुष्प्रभाव सामने आते हैं। [39]

33. रेडियोथेरेपी क्या है ?

इसे विकिरण थेरेपी (बिजली की सिकाई) भी कहा जाता है। इस थेरेपी में उच्च ऊर्जा की किरणे कैंसर प्रभावित भाग पर डाली जाती है, जिनमे कैंसर सैल्स को नष्ट कर उनका विभाजन रोकने की क्षमता होती है। हालांकि यह पद्धति इस तरीके से संयोजित की जाती है कि इससे शरीर के स्वस्थ ऊतकों को कम से कम नुकसान पहुंचे, परन्तु उपचार के दौरान कुछ स्वस्थ ऊतक भी प्रभावित होते है, जो दुष्परिणामों के लिये जिम्मेदार हैं। [40]

34. हार्मोन थेरेपी क्या है ?

इस थेरेपी में कुछ विशेष हारमोन्स कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को दिये जाते हैं। हार्मोन्स जैसे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन विशेषकर स्तन कैंसर में उपयोगी पाये गये हैं। हार्मोन थेरेपी ट्यूमर की वृद्धि दर को कम करने में मदद करती है। यह थेरैपी स्तन कैंसर, प्रोस्ट्रेट कैंसर (पौरुष ग्रंथि) और एंडोमीट्रीयल कैंसर (गर्भाशय का कैंसर) के उपचार में प्रयोग की जाती है। [41,42]

35. इम्यूनोथेरेपी क्या है ?

इम्यूनोथेरेपी एक उपचार विधि है जिससे शरीर की प्रतिरोधात्मक क्षमता को सशक्त बनाया जाता है। इस थेरेपी का लाभ यह है कि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। [43,44]

36. क्या कैंसर का उपचार पूर्ण रूप से संभव है ?

हां; कैंसर के पूर्व निदान एवं उचित इलाज द्वारा कुछ कैंसर पूर्ण रूप से ठीक हो सकते हैं और मरीज उपचार के दौरान भी अपनी सामान्य गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। [45,46]

37. क्या बच्चों में व्यस्कों की तुलना में पूर्ण इलाज की संभावना बेहतर है ?

बच्चों में कैंसर के पूर्ण इलाज की दर व्यस्कों की तुलना में आमतौर पर बेहतर होती है। [47]

38. कीमोथेरेपी के मुख्य दुष्परिणाम क्या क्या है ?

कीमोथेरेपी कई कैंसरों के लिये प्रभावी उपचार है। क्योंकि यह दवाईयाॅ शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं को भी हानि पहुॅचाती है। इसके प्राय: कई दुष्परिणाम होते है; जैसे:
1. मतली, वमन
2. सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, हाथ एवं पैरों की उंगलियों में झनझनाहट एवं अकड़न
3. मुंह एवं गले में छाले
4. कब्ज या अतिसार
5. भूख न लगना
6. बुखार
7. बालों का झडना [48]

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39. क्या मैं कीमोथेरेपी चिकित्सा को सहन कर पाऊॅगा ?

कीमोथेरेपी के दुष्परिणामों की गंभीरता रोगी से रोगी में भिन्न होती है; यह दवाईयों की मात्रा, मरीज के स्वास्थ्य तथा कैंसर शरीर के किस हिस्से में है, इन कारको पर निर्भर करती है। शोधकर्ता नई दवाईयां तथा दवा देने के तरीके एवं मौजूदा उपचारों के मेल खोजने में जुटे हुये हैं, जिससे इनके दुष्परिणामों को कम किया जा सके।[48]

40. कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी के दौरान क्या बालों का झड़ना स्थाई है या अस्थाई है ?

कीमोथेरेपी या रेडियोथेरेपी के दौरान बालों का झड़ना अस्थाई है। कुछ समय बाद बाल वापिस आ जाते हैं (लगभग 6-12 महीने में)। इस विषय में आप अपने चिकित्सक से परामर्श कर सकते है। [48]

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