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मुख का कैंसर क्या हैं?

मुँह के कैंसर का अर्थ है मौखिक गुहा (होठों से शुरू होकर पीछे टाॅन्सिल तक का हिस्सा) अथवा ओरोफैरिन्कस (गले का अंदरूनी हिस्सा) के ऊतकों में होने वाला कैंसर।

मौखिक गुहा

 मौखिक गुहा [1]

मौखिक गुहा में अलग-अलग हिस्से होते है: 

  • जीभ
oral figure
  • होंठ
  • मसूडे और दाँत
  • गालों का अस्तर (अन्दर का हिस्सा)
  • लार ग्रथिंयाँ
  • मुँह की निचली सतह
  • मुँह का ऊपर का हिस्सा (ठोस तालू)
  • टाॅन्सिल
  • अलिजिव्हा

आँकड़े

 आँकड़े 

विश्व के समस्त मुख कैंसर के मामलों में से एक तिहाई भारत में होते हैं। [2]
भारत में सभी तरह के कैंसरों का लगभग एक तिहाई हिस्सा मुख के कैंसर है। [3]
ग्लोबोकेन आंकड़ों के अनुसार 2012 में भारत में मुख के कैंसर के आँकड़ें [4]:
नए मामले: 77,003
मृत्यु: 52,067
सामान्यत: मुख कैंसर के मामलों में महिलाओं की तुलना में पुरूषों की मृत्यु ज्यादा होती है। [5]

जोखिम कारक

 जोखिम कारक 

  • तम्बाकू का सेवन
    1. तम्बाकू संबंधित कोई भी उत्पाद का सेवन जैसे सिगरेट, बीड़ी, पाईप, सिगार, और धुंआ रहित तम्बाकू मुँह के कैंसर का कारण बन सकता है। [6,7]
    2. मुँह के अन्दर तम्बाकू रखने से गाल, मसूड़ों और मुँह के भीतरी हिस्से का कैंसर हो सकता है।
    3. पान और सुपारी भी इस कैंसर का कारण हो सकते हैं। [8]
  • मद्यपान: शराब मुँह के कैंसर के खतरे को बढ़ाती है। [9] प्रतिदिन तीन से चार मादक पेय पीने वालों में मुख के कैंसर का खतरा उन लोगों से दुगुना है जो मद्यपान नहीं करते। [10,11].
    शराब और तम्बाकू दोनों का सेवन करने वालों में मुख के कैंसर का खतरा और भी अधिक हो जाता है। [12]
  • तीखे दाँत या बुरी फिटिंग वाले डेन्चर: नुकीले दाँत और ढीले डेन्चर से होने वाली मसूड़ों और गाल की पुरानी जलन भी एक जोखिम कारक है। [13]
  • आहार : अपोषित आहार अथवा फलों और सब्जियों के सेवन में कमी मुख के कैंसर के खतरे को बढाता है। [14]
  • एच.पी.वी. वायरस: कुछ उच्च जोखिम प्रकार के एच.पी.वी. के संक्रमण से भी मुँह के कैंसर का खतरा, विशेष रूप से युवा वर्ग में, बढ़ जाता है। [15,16]
  • कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली: जिन व्यक्तियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है उनमें मुख के कैंसर से ग्रस्त होने की संभावना अधिक होती है। कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली के कारण कुछ जन्मजात बीमारियाँ रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी, अंग प्रत्यारोपण प्राप्तकर्ताओं को मिलने वाली दवाएँ अथवा एड्स संक्रमण हो सकते हैं। [17,18]
  • सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों से संपर्क: सूर्य की अल्ट्रा वायलेट किरणों के संपर्क में आने से कैंसर का खतरा बढता है। [17]

संकेत और लक्षण

 संकेत और लक्षण [19]

  • मुहँ, चेहरा या गले में पुराना पीड़ादायक घाव जो ठीक न हो रहा हो।
  • मुहँ खोलने में कठिनाई।
  • जीभ, मसूड़ों और मुहँ के भीतरी हिस्सों में सफेद, लाल या मिश्रित चकत्ते होना।
  • गले में गाठँ होना।
  • मुहँ, जीभ, जबडे़ में दर्द और चबाने या निगलने में कठिनाई।
  • होंठ, मसूड़ों या मुहँ की भीतरी हिस्सों पर सूजन या गाठँ होना।
  • मुहँ में अस्पष्टीकृत रक्तस्त्राव।
  • स्वर का कर्कश होना या आवाज में परिवर्तन।
  • ढीला दाँत और बुरी फिटिगं का डेन्चर।
  • अस्पष्टीकृत वजन घटना।

उपर्युक्त सकेंत और लक्षणों में से कुछ लक्षण मौखिक गुहा के बैनाइन ट्यूमर और अन्य कैंसरो में भी हो सकते है। यदि इनमें सें कुछ भी 2 सप्ताह सें अधिक के लिए होता है, तो निदान व जाँच के लिये चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। 

निदान

 निदान और परीक्षण [20]

अ. प्रांसगिक इतिहास,सामान्य शारीरीक परीक्षण और मुहँ का परीक्षण
व्यक्ति का प्रांसगिक इतिहास जैसे तंबाकू की किसी भी रूप में (पान चबाना, गुटखा, खैनी ) सेवन की अवधि व आवृत्ति ओैर मद्यपान के बारे में जानना जरूरी है।  
मुहँ का परिक्षण: चिकित्सक द्वारा पूरे मुख का सावधानी पूर्वक परीक्षण किया जाना चाहिये। इस परीक्षण में गले के पीछे, मुहँ के ऊपर का हिस्सा, गला और होंठ आदि को भी देखा जाना चाहिए। चिकित्सक आपके सिर, गर्दन या चेहरे पर कोई लाल या सफेद धब्बा या अन्य असामान्य क्षेत्र के लिए भी देखेगा। किसी प्रकार की गाठँ या सूजन अथवा मुहँ या चेहरे की नसों में समस्या के लिए भी परखना चाहिये। यदि परीक्षण के दौरन कोई भी असामान्यता पाई जाती है, तो निम्न जाचों द्वारा पुष्टि करनी चाहिये:

ब. आक्रामण परीक्षण:

  • ब्रश कोशिका विज्ञान (Brush cytology): इस परीक्षण में संदिग्ध क्षेत्र घाव से ब्रश की सहायता से नमूना लिया जाता है। और कोशिकाओं को पैथोलोजिस्ट द्वारा माइक्रोस्कोप (दूरबीन) से देखा जाता है।
  • सूई की जाचँ (एफ. एन. ए. सी): इस परीक्षण में एक पतली सूई का प्रयोग किया जाता हैं; जिससें संदिग्ध गाँठ या सूजन से कुछ कोशिकाओं को निकाला जाता हैं एवं इन कोशिकाओं को एक गिलास स्लाइड पर फैंलाया जाता हैं। इन कोशिकाओं की पैथोलाजिस्ट द्वारा माइक्रोस्कोप (दूरबीन) में जाँच की जाती हैं। एफ एन ए सी आम तौर पर ग्रीवा क्षेत्र में, सिर और गर्दन के मेटास्टेटिक कैंसर का निदान करने के लिए प्रयोग किया जाता हैं।
  • बायोप्सी (टुकड़े की जाचँ): टुकड़े की जाँच में संदिग्ध क्षेत्र से पंच बायोप्सी औंजार का प्रयोग कर टुकड़ा लिया जाता हैं। कभी-कभी जाँच के लिये एण्डोस्कोपी का प्रयोग भी किया जाता हैं जिससे टुकड़े की जाचँ सुलभता से हो सकें। बायोप्सी में प्राप्त उतकों कों संसाधित करके प्रयोगशाला में कैंसर के होने के प्रमाण देखे जाते हैं।

स. इमेंजिंग परीक्षण: इमेंजिग परीक्षण का उपयोग रोग के निदान की पुष्टि, कैंसर के फैलाव का पता लगाने व कैंसर अवस्था को निर्धारित करने के लिए किया जाता है। सामान्यतः एक्सरे, सी.टी. स्कैन, ए.म.आर.आई और पी.ई.टी. परीक्षण किए जाते हैं।

द. अन्य परीक्षण:
एच.पी.वी. टेस्टिंग/परीक्षण: एच.पी.वी. सक्रमण के कारण मुख का कैंसर बढ़ रहा है। डाॅक्टर टुकड़ें की जाँच के नमूने में एच.पी.वी. संक्रमण की उपस्थिति का पता लगाते हैं। 

पूर्व निदान

मुख के एवं ओरोफैरेनजिल कैंसर का पूर्व निदान [20] 

मुख के कई कैसरों में पूर्व कैंसर की लम्बी अवधि होती हैं, जिसके दौरान कुछ लक्षणों के होने पर चिकित्सक सहायता प्राप्त करने का अवसर होता है। इन कैंसरों का पूर्व निदान सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण द्वारा होता है जो किसी भी कुशल चिकित्सक/ दंत चिकित्सक/ स्वास्थ्य कार्यकर्ता अथवा स्वयं परीक्षण द्वारा भी किया जा सकता है।

मौखिक गुहा का शारीरिक परीक्षण
यदि कोई भी संकेत अथवा लक्षण दो हफ्ते से अधिक कायम हो या स्वंय परीक्षण पर कोई असामान्य क्षेत्र का पता चले तो आपको अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए। चिकित्सक आपका प्रासंगिक इतिहास एवं विभिन्न जोखिम कारकों की उपस्थिति को देखेगा। इसके पश्चात चिकित्सक आपके मुँह में असामान्य क्षेत्र के लिए परीक्षण करेगा एवं गाँठ अथवा घाव के लिए दस्ताने पहनकर मुँह में उंगली से महसूस करेगा।

मुख का स्वयं परीक्षण
आप अपने मुख का स्वयं परीक्षण भी कर सकते हैं। यह परीक्षण आपको आइने के सामने खड़े होकर तेज प्रकाश में करना चाहिए। इससे मुख के कैंसर का पूर्व निदान हो सकता है।
मुख के स्वयं परीक्षण की कार्यविधि [19]

  • अपने हाथों को अच्छी तरह से धोएँ।
  • उंगली की सहायता से अपने मुख के अंदर निरीक्षण करें।
  • अपना सिर पीछे की ओर झुकाएँ और मुख के उपर की ओर असामान्य क्षेत्र के लिए परीक्षण करें।
  • एक तरफ का गाल खीचें और उसके अंदर की तरफ ध्यान से देखें; मसूड़ों को भी ध्यान से देखें।
  • अपनी जीभ बाहर की ओर निकालें और उसे उंगली से उपर की ओर पकड़े। जीभ एवं मुख की सतह का ध्यानपूर्वक निरीक्षण करें।
  • गर्दन की दोनों तरफ किसी भी गाँठ या बढ़े हुए लिम्फ नोड्स को महसूस करें।
  • यदि किसी भी विषमता का पता लगता है तो आगे के निदान के लिये चिकित्सक से सम्पर्क करें।

अन्य परीक्षण: इस चिकित्सक परीक्षण के अलावा कुछ अन्य साधारण परीक्षण भी किये जा सकते है। यदि आपको किसी भी जोखिम कारक का इतिहास है तो चिकित्सक असामान्य क्षेत्र देखने के लिये प्रकाश के साथ या प्रकाश के बिना एक प्रकार की डाई (टाल्यूडिन बल्यु) का उपयोग कर सकता है।
यदि किसी असामान्य क्षेत्र का पता चले तो कोशिका विज्ञान या बायोप्सी (टुकड़े की जाँच) कर सकता है।
यदि पैथोलोजिस्ट इस बात की पुष्टि करते है कि आपको कैंसर हैं तो चिकित्सक आपको विशेषज्ञ के पास भेज सकता है।

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संदर्भ

 संदर्भ 

[1] Oral anatomy. http://screening.iarc.fr/atlasoral_list.php?cat=H4&lang=1. Accessed on 3rd September, 2014

[2] Coelho KR. Challenges of the Oral Cancer Burden in India. J Cancer Epidemiol. 2012; Volume 2012, Article ID 701932. doi:10.1155/2012/701932
[3] Sankaranarayanan R, Ramadas K, Thomas G et al. Effect of screening on oral cancer mortality in Kerala, India: a cluster-randomised controlled trial. Lancet 2005;365:1927–33
[4] Ferlay J, Soerjomataram I, Ervik M, et al. GLOBOCAN 2012 v1.0, Cancer Incidence and Mortality Worldwide: IARC Cancer Base No. 11[Internet]Lyon, France: International Agency for Research on Cancer; 2013.  Available from: http://globocan.iarc.fr, accessed on 6th August 2014
[5] Global oral cancer fact sheets. http://www.who.int/oral_health/publications/fact_sheet_tobacco/en/index1.html. Accessed on 10th September 2014
[6] Global Tobacco Adults Survey. Available at www.mohfw.nic.in/WriteReadData/l892s/1455618937GATS%20India.pdf;2009
[7] Pednekar MS, Gupta PC, Yeole BB, et al. Association of tobacco habits, including bidi smoking, with overall and site-specific cancer incidence: results from the Mumbai cohort study. Cancer Causes Control. 2011; 22(6): 859-68
[8] Lin WJ, Jiang RS, Wu SH, et al. Smoking, Alcohol, and Betel Quid and Oral Cancer: A prospective Cohort Study. J Oncol 2011;2011:525976
[9] IARC Monographs on the Evaluation of Carcinogenic Risks to Humans VOLUME 96 Alcohol Consumption and Ethyl Carbamate IARC 2010. Lyon, France. http://monographs.iarc.fr/ENG/Monographs/vol96/mono96.pdf. Accessed on 5th September 2014
[10] Turati F, Garavello W, Tramacere I, et al. A meta-analysis of alcohol drinking and oral and pharyngeal cancers: results from subgroup analyses. Alcohol Alcohol 2013;48:107-18
[11] Hashibe M, Brennan P, Benhamou S, et al. Alcohol drinking in never users of tobacco, cigarette smoking in never drinkers, and the risk of head and neck cancer: pooled analysis in the International Head and Neck Cancer Epidemiology Consortium. J Natl Cancer Inst 2007;99:777-89
[12] Znaor A, Brennan P, Gajalakshmi V, et al. Independent and combined effects of tobacco smoking, chewing and alcohol drinking on the risk of oral, pharyngeal and esophageal cancers in Indian men. Int J Cancer 2003;105:681-6
[13] Oral cavity and oropharyngeal cancer. http://www.cancer.org/acs/groups/cid/documents/webcontent/003128-pdf. Accessed on 7th September 2014
[14] World Cancer Research Fund/American Institute for Cancer Research. Food, Nutrition, Physical Activity, and the Prevention of Cancer-a Global Perspective. Washington DC:AICR;2007
[15] International Agency for Research on Cancer. List of Classifications by cancer sites with sufficient or limited evidence in humans, Volumes 1 to 105*. Available from http://monographs.iarc.fr/ENG/Classification/index.php. Accessed on 6th August 2014.
[16] Chocolatewala NM and Chaturvedi PJ. Role of human papilloma virus in the oral carcinogenesis: an Indian perspective. Cancer Res Ther. 2009; 5(2):71-7. HPV Infection in Young Australians. PLOS One 2014;6:1691-704.
[17] International Agency for Research on Cancer. IARC Monographs on the Evaluation of Carcinogenic Risks to Humans. Volume 100D (2012). A Review of Human Carcinogens: Radiation. Geneva:WHO;2012
[18] Grulich AE, van Leeuwen MT, Falster MO, et al. Incidence of cancers in people with HIV/AIDS compared with immunosuppressed transplant recipients: a meta-analysis. Lancet 2007; 370:59-67.
[19] American Association of Oral and Maxillofacial Surgeons. https://www.aaoms.org/docs/media/oralcancerselfexam.pdf. Accessed on 22nd January 2015
[20] Early Detection, Diagnosis, and Staging. http://www.cancer.org/cancer/oralcavityandoropharyngealcancer/detailedguide/oral-cavity-and-oropharyngeal-cancer-diagnosis

 

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