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  • भारत में बच्चेदानी के मुख के कैंसर की वजह से हर आठ मिनट में एक महिला की मृत्यु होती है। [1]
  • भारत में स्तन कैंसर से पीडि़त हर दो महिलाओं में से एक महिला की मृत्यु हो जाती है। [2-4]
  • तंबाकू से संबंधित रोगों के कारण प्रतिदिन तकरीबन 2,500 व्यक्तियों की मौत हो जाती है। [5]
  • पुरुषों में पाचं में से एक मृत्यु और महिलाओं में 20 में से एक मृत्यु धूम्रपान के कारण होती है। [6]

भारत में कैंसर के आंकड़े

भारत में कैंसर के आंकड़े [7]

  • कैंसर से पीडि़त लोगों की अनुमानित संख्या: 25 लाख (लगभग)
  • प्रतिवर्ष कैंसर के नये मरीज: 7 लाख से अधिक
  • कैंसर संबंधित मृत्यु संख्या: 5,56,400

30 - 69 आयु के बीच होने वाली मौतें [8] 

  • कुल: 3,95,400 (सभी कैंसर से संबंधित मौतों का 71%)
  • पुरूष: 2,00,100
  • महिलायें: 1,95,300

भारत में मुख एवं फेंफड़ों के कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर से होने वाली मृत्यु सभी कैंसर संबंधित मौंतो का लगभग 50% है। [9] 

पुरुषों और महिलाओं में होने वाले पांच प्रमुख कैंसर सभी कैंसरों का 47.2% है। इन कैंसरों से बचाव इनके पूर्व निदान व पूर्व अवस्था पर संभव है। [10] जिससे इन कैंसरों से होने वाली मृत्युदर को भी कम किया जा सकता है।

बच्चेदानी के मुख का कैंसर

बच्चेदानी के मुख का कैंसर

भारत की महिलाओं में सर्वाधिक होने वाला दूसरा सबसे बड़ा कैंसर बच्चेदारी के मुख का कैंसर है। यह महिलाओं में होने वाले सभी कैंसरों का 22.86% है। [11]

ग्लोबोकैन 2012 के आंकड़ों के अनुसार [2,3]:

  • नये केस दर्ज: 1,23,000
  • मृत्यु: 67,500

मध्य आयु:  38 वर्ष (21-67 वर्ष)

ग्रामीण महिलाओं को उनके शहरी समकक्षों की तुलना में बच्चेदानी के मुख के कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक होता है। [12]

बच्चेदानी के मुख का कैंसर हिन्दू महिलाओं की अपेक्षा मुस्लिम महिलाओं में कम है। [8]

बच्चेदानी के मुख का कैंसर भारत में तीसरा सबसे बड़ा कैंसर का कारण है, जो भारत में सभी कैंसर का 10% है। [13]

जीवन दरः

सापेक्षिक रूप से पांच वर्ष जीवित रहने की औसत दर 48.7% है। [14]

कैंसर जीवन दर के अस्तित्व की लंबाई उसके निदान के समय और कैंसर की अवस्था पर निर्भर करती है।

यदि बच्चेदानी के मुख के कैंसर का पहली ही अवस्था में निदान व इलाज हो तो व्यक्ति के जीवित रहने की संभावना और भी बढ़ जाती है।

 

अधिक जानकारी के लिये इसे दस्तावेज को देखे (स्त्रोत: नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम):

 

 

स्तन कैंसर

स्तन कैंसर

भारत में स्तन कैंसर महिलाओं में पाया जाने वाला सामान्य कैंसर है और यह महिलाओं में होने वाले कैंसरों का 27% है। 

ग्लोबोकैन 2012 के आंकड़ों के अनुसार [2,3]:

  • पंजीकृत नये मामले: 1,44,937
  • मृत्यु: 70,218

 

भारत में स्तन कैंसर के घटना की दर 30 की उम्र के दशक में बढ़ना शुरू होती है और 50-64 की उम्र तक शिखर पर होती है। [9]

समस्त रूप से 28 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना रहती है।

शहरी क्षेत्र में 22 में से एक महिला और ग्रामीण क्षेत्र में 60 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में स्तर कैंसर होने की संभावना होती है।  [15] 

 

अधिक जानकारी के लिये इस दस्तावेज को देखें (स्त्रोत: नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम):

 

मुख का कैंसर

मुख का कैंसर

पुरूषों में सर्वाधिक होने वाला कैंसर मुख का कैंसर है। (सभी कैंसर का 11.28%) महिलाओं में इसका स्थान पांचवे नंबर पर है। (सभी कैंसर का 4.3 प्रतिशत) यदि पुरुषों एवं महिलाओं दोनों की बात की जाये तो यह तीसरा सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर है। [2,3]

ग्लोबोकैन 2012 के आंकड़ों के अनुसार:

  • नये पंजीकृत मामले: 77,003
  • मृत्यु: 52,067

लगभग 80% मौखिक कैंसर तंबाकू के इस्तेमाल के फलस्वरूप होते हैं। [16]

मुख के कैंसर की औसत आयु 50 वर्ष है। [17]

मौखिक कैंसर की दर पुरूषों में उल्लेखनीय रूप से महिलाओं की अपेक्षा उच्चतर है और यह दरें उम्र के साथ बढ़ती हैं।

 

जीवन दर (5 वर्ष) [18]

कैंसर की प्रारम्भिक अवस्था में रोगियों की संख्या: 82% 
कैंसर की अग्रिम अवस्था में रोगियों की संख्या: 27%

 

अधिक जानकारी के लिये इस दस्तावेज को देखें (स्त्रोत: नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम):

 

References

References

[1] WHO Summary report on HPV & cervical cancer statistics in India (18/03/2008)
[2] Ferlay J, Soerjomataram I, Ervik M, et al. GLOBOCAN 2012 v1.0, Cancer Incidence and Mortality Worldwide: IARC CancerBase No. 11 [Internet]. Lyon, France: International Agency for Research on Cancer; 2013.
[3] Bray F, Ren JS, Masuyer E, et al. Estimates of global cancer prevalence for 27 sites in the adult population in 2008.; 2013; Int J Cancer.; 132(5):1133-45.
[4] http://www.breastcancerindia.net/bc/statistics/stat_global.htm
[5] Reddy KS, Gupta PC. Report on tobacco control in India. New Delhi: Ministry of Health and Family Welfare, Government of India; 2004.
[6] Report on causes of deaths in India 2001-2003. Office of the Registrar General of India, Govt.of India, 2010.
[7] Nandakumar A. National Cancer Registry Programme. Indian Council for Medical Research, Consolidated report of the population based cancer registries 1990-96. New Delhi: Indian Council of Medical Research; 2009
[8] Dikshit R, Gupta PC, Ramasundarahettige C, et al. Cancer mortality in India: a nationally representative survey.; 2012,; Lancet.;379(9828):1807-16.
[9] National Cancer Registry Programme. Consolidated report of the population based cancer registries1990-1996. New Delhi: Indian Council of Medical Research; 2001.
[10] Sarnath D, Khanna A. Current Status of Cancer Burden:Global and Indian Scenario,; 2014; Biomedical Res J.,1(1):1-5
[11] http://screening.iarc.fr/doc/WHO_India_CCSP_guidelines_2005.pdf
[12] Karthigeyan, K.; Cervical cancer in India and HPV vaccination.;2012; Indian J Med Paediatr Oncol.; 33(1): 7–12.
[13] World Health Organisation. The Global Burden of Disease: 2004 Update. Geneva, WHO, 2009b.
[14] Sankaranarayanan R, Black RJ, Parkin DM. Cancer survival in developing countries, IARC Scientific Publication No. 145. Lyon: International Agency for Research on Cancer; 1998.
[15] Chaurasia V, Pal S. A Novel Approach for Breast Cancer Detection using Data Mining Techniques.; 2014 International Journal of Innovative Research in Computer and Communication Engineering.; 2(1); 2456-65.
[16] NCRP - Consolidated Report of Hospital Based Cancer Registries 2007-2011, National Cancer Registry Programme (Indian Council of Medical Research), Bangalore, 2013
[17] Shenoi R, Devrukhkar VC, Sharma BK, et al. Demographic and clinical profile of oral squamous cell carcinoma patients: a retrospective study.; 2012; Indian J Cancer. ;49(1):21-6.
[18] Iype EM, Pandey M, Mathew A, et al. Oral cancer among patients under the age of 35 years.; 2001; J Postgrad Med.;47(3):171-6.

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