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दुनियाभर में अकाल मृत्यु और रोके जा सकने वाली बीमारी का एक प्रमुख कारण तम्बाकू का इस्तेमाल है।

 

तम्बाकू के हानिकारक प्रभाव

** धूम्रपान करने वालों को धूम्रपान न करने वालों की तुलना में कैंसर के विकसित होने का अधिक खतरा होता हैं। **

भारत में तम्बाकू का प्रयोग
भारतीय उपमहाद्वीप में तम्बाकू का प्रयोग सदियों पुराना है जो मुख्यत: दो प्रकार से हैः तम्बाकू चबाना और धूम्रपान। [1]

भारत दुनिया में तम्बाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। [2]
सम्पूर्ण रूप से तम्बाकू के इस्तेमाल की व्यापकता पुरुषों में 48 प्रतिशत और महिलाओं में 20 प्रतिशत है। [3] 

आँकडें बताते हैं कि भारत में 35 प्रतिशत से अधिक व्यस्क तम्बाकू का सेवन करते हैं। उसमें से लगभग 63700000 लोग चबाने वाले (धूम्ररहित) तम्बाकू का सेवन करते है, 68,900,000 व्यस्क केवल धूम्रपान का उपयोग करते है। यद्यपि 42,300,000 लोग चबाने वाले तम्बाकू और धूम्रपान दोनों का ही सेवन करते है। भारतीय जनसंख्या का 30 प्रतिशत से अधिक वर्ग जो 15 वर्ष से उपर हैं, किसी न किसी रूप में तम्बाकू का सेवन करता है। उसमें से 14.6 प्रतिशत बच्चे वो है जो 13-15 वर्ष के बीच आते हैं। धूम्रपान महिलाओं की अपेक्षा पुरूषों में अधिक प्रचलित है। महिलाओं में चबाने वाले तम्बाकू का उपयोग करने की संभावना अधिक होती हैं। भारत में बीड़ी का सेवन सिगरेट से ज्यादा होता है। [4,5]

4000 से अधिक विभिन्न प्रकार के रसायन तम्बाकू और तम्बाकू के धुएँ में पाये जाते हैं। आई.ए.आर.सी. द्वारा किये गये कैंसर पर अनुसंधान में इन रसायनों में से 60 को कार्सिनोजन (कैंसर पैदा करने वाले एजेंट) के रूप् मे वर्गीकृत किया गया है। [6] तम्बाकू में पाया जाने वाला मुख्य रसायन निकोटीन है जो अत्याधिक नशीला रसायन है। इसका लम्बी अवधि तक प्रयोग व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से इस पर निर्भर बना देता है। [7]

Harmful effect of tobacco 29 jan
तम्बाकू के इस्तेमाल से शरीर का लगभग हर प्रमुख अंग प्रभावित होता है, जिसके फलस्वरूप रुग्णता व बेवक़्त मौत हो सकती हैं। तम्बाकू के इस्तेमाल से मुँह, गला, मस्तिष्क, घेंघा, फेफड़ें, पित्ताशय, गुर्दे और स्तन सहित शरीर के विभिन्न अंगों में कैंसर पैदा हो सकता है। तम्बाकू के कारण हदय रोग, फेफड़े संबंधी रोग, पक्षाघात, अंधापन, दांत और मसूड़े की बीमारियां भी हो सकती है। [6,7]

पुरूषों में सभी तरह के कैंसरों का लगभग 45 प्रतिशत और महिलाओं में 17 प्रतिशत मुख का कैंसर है तथा 80 प्रतिशत से ज्यादा मुख का कैंसर तम्बाकू के उपयोग करने के कारण होता है। [8]

महिला एवं धूम्रपान

महिला एवं धूम्रपान

नवीनतम ‘तम्बाकू एटलस‘ में भारत दुनिया भर में महिला धूम्रपान करने वाली आबादी के शीर्ष 20 में से तीसरे स्थान पर हैं। भारत में धूम्रपान करने वाली महिलाओं की मौत धूम्रपान नहीं करने वाली महिलाओं की तुलना में औसतन आठ साल पहले हो जाती है। [9]

युवा जनसंख्या में तम्बाकू का प्रयोग

युवा जनसंख्या में तम्बाकू का प्रयोग

भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तम्बाकू के खतरे को नियंत्रित करने के प्रयासों के बावजूद, भारत में तम्बाकू के इस्तेमाल की व्यापकता बच्चों और किशोरों के बीच खतरनाक अनुपात में बढ़ रही है।
भारत सरकार के ‘राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन‘ द्वारा किये गये एक सर्वेक्षण में यह चौकाने वाला तथ्य सामने आया है कि 10-14 वर्ष के बीच 200000000 (20 करोड़) बच्चे तम्बाकू का सेवन करते हैं, और प्रतिदिन 5500 नये लोग (20 लाख हर साल) इसमें जुड़ रहे हैं। [10]

तम्बाकू से संबंधित मृत्यु

तम्बाकू से संबंधित मृत्यु

तम्बाकू का इस्तेमाल दुनिया भर में अकाल मृत्यु और रोके जा सकने वाली बीमारियों का एक प्रमुख कारण है। वैश्विक तम्बाकू निगरानी प्रणाली के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में लगभग 54 लाख लोगों की तम्बाकू से संबंधित बीमारियों के कारण मौत हो जाती है। [11]

तम्बाकू का उपयोग भारत में मृत्यु के प्रमुख कारणों में एक है। वर्ष 2010 में भारत में तम्बाकू से संबंधित कैंसर से होने वाली मौतों की संख्या लगभग 1.2 लाख थी। [12] 

तम्बाकू के प्रकार

भारत में सामान्यत: प्रयोग किये जाने वाले तम्बाकू उत्पादों के प्रकार [13]

 

धूम्रपान छोड़ने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव

 धूम्रपान छोड़ने संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव [14]

  • धूम्रपान छोड़ने के लाभ के बारे में सोचें: पैसे की बचत, कम खाँसी और आपको खाना स्वादिष्ट लगेगा।
  • धूम्रपान छोड़ने के फायदे और प्रोत्साहन की तलाश करने के लिये दोस्तों और परिवार से मदद प्राप्त करें और उन्हें इस बारें में सूचित करें।
  • धूम्रपान छोड़ने के संकल्प को पूरा करने के लिये धूम्रपान/पान से दूर रहें।
  • जो व्यक्ति धूम्रपान इत्यादि करते हैं, उनकी संगत से बचे।

धूम्रपान पुनः शुरू न करने हेतु सुझाव

धूम्रपान पुनः शुरू न करने हेतु सुझाव [14]

  • धूम्रपान के इस्तेमाल को नियंत्रण में रखें और अपने आपको अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखें।
  • स्वयं को तनाव मुक्त रखें और खेल इत्यादि में व्यस्त रखें।
  • धूम्रपान की तीव्र इच्छा होने पर अन्य विकल्प चुनें जैसे: गाजर, टाॅफी इत्यादि।
  • बार-बार टूथपेस्ट का इस्तेमाल (दाँतों को ब्रश करना) भी इन उत्पादों के स्वाद को बदल सकता है।
  • अत्याधिक मात्रा में पानी का सेवन शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकालता है। यह धूम्रपान की आदक को न सिर्फ पलटने से रोकता है अपितु इन्हें कम करने में भी मदद करता हैं।

संदर्भ

संदर्भ

[1] Prasad, LK. Tobacco control in India: Where do we stand? J Orofacial Sciences 2012;4:79-81
[2] Jhanjee S. Tobacco Control in India-Where are we now? Delhi Psychiatry Journal 2011;14:26-32
[3] Global Adult Tobacco Survey (GATS) Geneva, World Health Organization, 2010
[4] Raut DK, Soni P. Prevalence and Pattern of Tobacco Consumption in India. Int Res J Social Sci 2012;1:36-43
[5] Global Youth Tobacco Survey (GYTS) Geneva, World Health Organization, 2009
[6] Tobacco smoke and involuntary smoking/IARC Working Group on the Evaluation of Carcinogenic Risks to Humans (2004: Lyon, France) (IARC monographs on the evaluation of carcinogenic risks to humans;vol. 83)
[7] Tobacco Habits Other than Smoking; Betel-Quid and Areca-Nut Chewing;and Some Related Nitrosamines/IARC Working Group on the Evaluation of Carcinogenic Risks to Humans (1985 : Lyon, France). (IARC monographs on the evaluation of the carcinogenic risk of chemicals to humans,vol. 37)
[8] NCRP-Consolidated Report of Hospital Based Cancer Registries 2007-2011, National Cancer Registry Programme (Indian Council of Medical Research), Bangalore, 2013
[9] Jha P, Jacob B, Gajalakshmi V et al. A Nationally Representative Case–Control Study of Smoking and Death in India. N Engl J Med 2008;358:1137-47
[10] Chadda RK, Sengupta SN. Tobacco use by Indian adolescents. Tob Induc Dis 2002;1:111-19
[11] WHO report on the global tobacco epidemic 2013. Geneva, World Health Organization, 2013
[12] Panda B, Rout A, Patil S et al. Tobacco Control Law Enforcement and Compliance in Odisha, India-Implications for Tobacco Control Policy and Practice. Asian Pacific J Cancer Prev 2013;13:4631-37
[13] India Cancer Initiative. Tobacco use in India: An evil with many faces. American Cancer Society. 2009
http://www.cpaaindia.org/infocentre/acs/eng/Tobacco%20Abuse.pdf accessed on 28th January 2015.
[14] Stay away from Tobacco. American Cancer Society. http://www.cancer.org/healthy/stayawayfromtobacco/index

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